सुरेश चौधरी
पिय आवन की
राधा मन आस
बसाय चली
पिय आवन की
राधा मन आस
बसाय चली
मेहंदी
पायल बिछिया अंग
सजाय चली
फ़ाग की मदमस्त
मदन बयार ऐसी
बही
श्याम हुलक उठी
तन प्रीत रंग
लगाय चली
पिय आवन की
राधा मन आस
बसाय चली
कृष्ण में राधा
समाय चली उर
चहक उठा
कृष्ण में राधा
समाय चली उर
चहक उठा
होरी रंग संग
रसिक राज रस
लहक उठा
ब्रज के कण
कण में प्यार की फुहार मचली कि
सोंधी
खुशबु उठी और
श्रीधाम महक उठा
कृष्ण में राधा
समाय चली उर
चहक उठा
इस होली ग्वाल
गोपियों के मन उमंग
है
इस होली ग्वाल
गोपियों के मन उमंग
है
प्रीत
गुलाल चूमे कपोल
मद तरंग है
बसंती
खुमार में नशीली
बयार चल रही
'इंदु'
नयन लड़
रहे हर ओर
कृष्ण रंग है
इस होली ग्वाल
गोपियों के मन उमंग
है
सुरेश चौधरी
एकता
हिबिसकस
56 क्रिस्टोफर रोड
कोलकाता
700046


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