शब्द-सृष्टि
जनवरी
2026,
अंक 67
परामर्शक [प्रो. हसमुख परमार] की कलम से…
संपादक [डॉ. पूर्वा शर्मा ] की ओर से.... – नन्हे कदम....नया साल!
दिन कुछ ख़ास है!
आलेख – अनादि सूर्य – डॉ. सुशीला ओझा
कविता – गणतंत्र – प्रेम नारायन तिवारी
आलेख – निराला जयंती-वसंत पंचमी विशेष : रँग गई पग-पग धन्य धरा – डॉ. ऋषभदेव शर्मा
कविता – मैं तिरंगा हूँ – डॉ. अनिल कुमार बाजपेयी काव्यांश
आलेख – वसंत पंचमी: प्रकृति, चेतना और आत्म जागरण का उत्सव – डॉ. घनश्याम बादल
विशेष
कविता – डियर दिसंबर, तुम जा रहे हो… – डॉ.अनु मेहता खन्ना
लघुकथा
पत्थर की बंदरिया – प्रेम नारायन तिवारी
स्थान-महिमा
आलेख – विश्व-शांति की जन्मदात्री ‘लुम्बिनी’ – श्रीराम पुकार शर्मा
चोका
अन्य कविताएँ
कविता – माँ – प्रेम नारायन तिवारी
कविता – 1.अपना अंबर 2. सत्या का गौरा पूजन– दुष्यंत कुमार व्यास
कविता – नई सुबह – डॉ. राजकुमार शांडिल्य
कविता – नेता जी सुभाष चन्द्र बोस – सुरेश चौधरी
कविता – 1. महाप्राण निराला 2. स्वामी विवेकानंद 3. प्रभु श्रीराम – इंद्र कुमार दीक्षित

शब्द-सृष्टि ब्लॉग के जनवरी-2026 विशेष अंक को साहित्यिक ऊँचाई देने वाले आदरणीय परामर्शक, संपादक तथा सभी सृजनशील रचनाकारों को हृदय से बधाई। आपकी लेखनी प्रेरणास्रोत है।
जवाब देंहटाएं(डॉ. धर्मेन्द्रकुमार एच. राठवा असिस्टेंट प्रोफेसर
आणंद आर्ट्स कॉलेज स्नाकोत्तर हिंदी विभाग)
Bhot badhiya.... Likha hai
जवाब देंहटाएंबहुत ही सुंदर और स्तरीय अंक।सभी आलेख और रचनाएँ पठनीय। परामर्शक और संपादक की कलम से.....अत्यंत प्रभावित करने वाला।
जवाब देंहटाएंआदरणीय प्रो.हसमुख सर, संपादक डाॅ.पूर्वा शर्मा और सभी लेखकों-रचनाकारों को हार्दिक बधाई। 💐🙏hiya
बहुत ही सुन्दर विषय बस्तु से सज्जित इस अंक के प्रकाशन हेतु प्रो० हंसमुख जी, संपादक पूर्वा शर्मा जी व सभी कवि, लेखक गण को हार्दिक शुभकामनाएं।
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