शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

पुस्तक चर्चा

 

हाना (हाइगा संग्रह)

सत्या शर्मा ‘कीर्ति’

प्रिय मित्र कंचन जी ,आदरणीया ऋता शेखर दी एवं चित्रकार प्रियांशू डोकानिया जी का साझा  हाइगा संकलन ‘हाना’ का लोकार्पण पिछले दिनों राँची में हुआ।

प्रियांशू जी के खूबसूरत चित्रों पर खूबसूरत भावों की दो सशक्त हाइकुकार ऋता दी एवं कंचन जी के कलम से निकले सुंदर और भावपूर्ण हाइकु / हाइगा ने विधा को सार्थक किया है।

      ऋता दी एवं कंचन जी का नाम हाइकु के क्षेत्र में काफी पुराना एवं सम्मानित रहा है। इन्होंने न केवल इस विधा में सृजन किया है बल्कि इस विधा के विकास में काफी योगदान भी दिया है। इन्होंने अपने ब्लॉग एवं ई -पत्रिका के माध्मय से नए लोगों के बीच न केवल इसके प्रति जिज्ञासा पैदा कि बल्कि उन्हें विषय देकर लिखने को प्रेरित भी किया।

 ऐसे समर्पित और योग्य हाइकुकार की जोड़ी जब किसी पुस्तक का सृजन करती है तब निश्चित तौर वह कुछ अलग और नया होता है ।जो आने वाले पीढ़ी को बहुत कुछ सीखता है एवं मार्गदर्शन करता है।

 

पादप पँक्ति

प्रेमिल टहनियाँ

छत्र की छाया।

--ऋता

 

लंबी सड़क

जाएगी तुम तक

लक्ष्य जो तुम

-- कंचन

 

आत्ममंथन

दहकते अलाव

नव-उत्थान।

---ऋता

वैरागी मन

भौतिकता से दूर

शांत कुटीर।

--- कंचन

अगर हम संकलन की बात करें तो पढ़ते हुए हम महसूस करते हैं कि इनकी दृष्टि भिन्न होते हुए भी प्रकृति, मनुष्य और क्षणिक अनुभूतियों को पकड़ने की कला में एक गहरी साम्यता रखती  है।इनके हाइगा में एक ओर जहाँ सूक्ष्म भावना और भीतरी संवेदना हैं, वहीं जीवन की गति, स्त्री अनुभूति और सामाजिक यथार्थ भी सहज ही दिखाई देते हैं।

सत्रह वर्णो में अधिक कहने की जापानी परंपरा का सुंदर निर्वाह पूरी पुस्तक की आत्मा है।

इस संकलन की विशेषता यह है कि पाठक को हर हाइकु के बाद ठहरने का अवसर मिलता है – जैसे शब्द समाप्त होते ही अर्थ शुरू हो जाता हो। प्रकृति के बिंब, मौसम, मौन, अध्यात्म, वियोग, रिश्ते और आशा – ये सभी तत्व अत्यंत सादगी के साथ उभरते हैं।

कुल मिलाकर, कंचन जी, ऋता जी और प्रियांशु जी का यह हाइगा संकलन न केवल हाइकु प्रेमियों के लिए, बल्कि उन पाठकों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो कम शब्दों में गहन अनुभूति की तलाश करते हैं।

इनका यह साझा प्रयास हिंदी हाइकु साहित्य को संवेदना, संतुलन और सौंदर्य – तीनों स्तरों पर समृद्ध करता है।

   इस विशिष्ट और अनोखे संकलन हेतु आप तीनों को दिल से बधाई ।


सत्या शर्मा कीर्ति

राँची

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