बुधवार, 31 जुलाई 2024

डायरी (प्रेमचंद)

 





(प्रेमचन्द का अप्राप्य साहित्य-1,सं. कमल किशोर गोयनका, पृ. 411-414 से साभार )





कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दिसंबर 2025, अंक 66

  शब्द-सृष्टि दिसंबर 2025, अंक 66 स्मृति शेष  डॉ. योगेंद्रनाथ मिश्र : भाषा, संवेदना और आत्मीयता का अविस्मरणीय आलोक – डॉ. ऋषभदेव शर्मा विनो...