शनिवार, 31 जनवरी 2026

कविता

नेता जी सुभाष चन्द्र बोस

सुरेश चौधरी

शृंगार लिखूँ,  गुणगान  लिखूँ  या

चारण  बन  शाही प्रतिमान लिखूँ

थी सुलगी हुई  दास्य  ज्वाला तब

सुभाष का  तेज स्वाभिमान लिखूँ

 

एक  ओर  गिडगिडाती  राजनीति

और  धधकती थी  अंतस ज्वाला

व्रत   अंग्रेजों   को   दूर   भगाने

मन   मे  संकल्प  सिंह  ने  पाला

वे  नर  थे  नरसिंह  गए  चढ़ जो

बलिवेदी   पी   देशभक्ति   प्याला

गांधी   नेहरू  नरम  नीति  त्याग

कुछ  करने  निकला वो मतवाला

 

पथ  कण्टक  आतंक  भगाने को

पुष्प  बने  सुभाष  का गान लिखूँ

इतना  भर  दे  अंगार  कलम  में

मैं  क्रांति  वीर का बलिदान लिखूँ

शृंगार  लिखूँ,  गुणगान  लिखूँ या

चारण  बन  शाही प्रतिमान लिखूँ

थी  सुलगी  हुई दास्य ज्वाला तब

सुभाष  का तेज स्वाभिमान लिखूँ

 

स्वतंत्रता  मिल  जाय आक्रोश था

जयहिन्द का अमर नाद मुखर था

राष्ट्र  युवा  शक्ति  की शिराऒं मॆं

उष्ण  रुधिर  वेग  प्रवाह प्रखर था

मिली     आज़ादी  प्रेम-शांति से

प्रचण्ड  उसने  यलगार  किया था

आज़ादी   मिले   खून  के  बदले

बोल  बोल  तन  अंगार  दिया था

 

मेरी  कलम  को  प्रखर धार मिले

भूषण  सी  लेखन की शान लिखूँ

नमन  वीर सुभाष  तुझे जयहिन्द

बारम्बार   हिन्द  का  गान  लिखूँ

शृंगार  लिखूँ,  गुणगान  लिखूँ या

चारण  बन  शाही प्रतिमान लिखूँ

थी  सुलगी हुई  दास्य ज्वाला तब

सुभाष का तेज  स्वाभिमान लिखूँ

 

छुप  कर   भागे और  अँग्रेज़ों की

आँखों  में  धुल जिसने झोंका था

जापान   सिंगापुर  से   ला  सेना

खूब  ब्रिटिश ताकत  को रौंदा था

चला  गया,  गया  नहीं,  प्रश्न  है

कहाँ  गया  जो  वीर अनोखा था

तथ्य   सामने   लाने   होंगे  अब

साजिश  हुई  या  हुआ धोखा था

 

अश्रु  बहा  याद  करूँ नायक को

अभिमान लिखूँ भारत शान लिखूँ

नव  पीढ़ी  करे  कर्म  ऐसा  तब

वीर  नेताजी   का  गुमान  लिखूँ

शिवा  तलवार  के  मैं  वार लिखूँ

राणा  का  भाला   अंजान  लिखूँ

पुकार  है  वीर  सुभाष  सा  बनो

तो आज तुम्हारा स्तुति गान लिखूँ

 

शृंगार  लिखूँ,  गुणगान  लिखूँ या

चारण  बन  शाही प्रतिमान लिखूँ

थी  सुलगी  हुई दास्य ज्वाला तब

सुभाष का  तेज स्वाभिमान लिखूँ

*** 

सुरेश चौधरी

एकता हिबिसकस

56 क्रिस्टोफर रोड

कोलकाता 700046


1 टिप्पणी:

जनवरी 2026, अंक 67

  शब्द-सृष्टि जनवरी 2026, अंक 67 परामर्शक [प्रो. हसमुख परमार] की कलम से… संपादक [डॉ. पूर्वा शर्मा ] की ओर से.... – नन्हे कदम....नया साल! द...